क्या उपवास अंधविश्वास है? (Fasting)| Sadhguru Hindi

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क्या उपवास अंधविश्वास है? (Fasting)| Sadhguru Hindi 5
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सद्‌गुरु उपवास से जुड़े एक प्रश्न का उत्तर दे रहे हैं, और बता रहे हैं कि कैसे इससे कोशिकाओं की सेहत भी बेहतर होती है।


एक योगी, युगदृष्टा, मानवतावादी, सद्‌गुरु एक आधुनिक गुरु हैं, जिनको योग के प्राचीन विज्ञान पर पूर्ण अधिकार है। विश्व शांति और खुशहाली की दिशा में निरंतर काम कर रहे सद्‌गुरु के रूपांतरणकारी कार्यक्रमों से दुनिया के करोडों लोगों को एक नई दिशा मिली है। दुनिया भर में लाखों लोगों को आनंद के मार्ग में दीक्षित किया गया है।

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Transcript:
एक महत्वपूर्ण पहलू ये है कि जितना खाना चाहिए, लोग उससे कहीं ज्यादा खा रहे हैं। एक भोजन और दूसरे भोजन में आठ घंटे का अंतर होना चाहिए। आपको जो भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, उनमें से कम से कम 50 प्रतिशत छह हफ्ते में ठीक हो जाएंगी।
Super – रुक रूककर उपवास करने का सही तरीका – सबसे ज्यादा लाभ पाने के लिए।
नमस्कारम सद्‌गुरु। भारत में पवित्र दिनों पर उपवास रखने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। लेकिन बहुत से भारतीयों को लगता है कि ये अवैज्ञानिक और अतार्किक है, लेकिन अब उपचार से होने वाली ऑटोफेजी पर हुई शोध को नोबेल पुरस्कार दिया गया है। मैं खुद इस साल से रुक-रुक कर उपवास रखने लगा हूँ। तो ऐसी फायदेमंद पुरानी परम्पराओं को दकियानूसी क्यों बताया जाता है? और फिर पश्चिमी समर्थन मिलने के बाद तुरंत लागू किया जाता है।
सद्‌गुरु – क्योंकि आपकी त्वचा का रंग सही नहीं है। मैं...मैं इस बारे में 40 सालों से बोल रहा हूँ, ठीक है? और मैंने हज़ारों लोग देखें हैं, जो स्वस्थ और खुशहाल हो जाते हैं, सिर्फ इसलिए कि वे हर समय ईंधन नहीं भरते रहते, जब टंकी बह रही हो।
योग केंद्र में, सभी सुबह 10 बजे खाते हैं, और शाम में सात बजे। हम बहुत शारीरिक गतिविधियाँ करते हैं। आश्रम के अंदर.. गाड़ियां नहीं हैं, वो एक बड़ी जगह है, सभी या तो चलते हैं या साइकिल चलाते हैं। डाइनिंग हॉल जाने के लिए भी एक किलोमीटर चलना पड़ता है। ऑफिस जाने के लिए आधे से एक किलोमीटर चलना पड़ता है, इस तरह, हर समय लोग शारीरिक काम करते रहते हैं। तो हर कोई दोपहर साढ़े तीन या चार बजे तक बहुत भूखा होता है। वे बहुत भूखे होते हैं। लेकिन हम उसके साथ जीना सीखते हैं, क्योंकि पेट खाली होना और भूख लगना दो अलग-अलग चीज़ें हैं।
भूख मतलब आपकी ऊर्जा का स्तर कम हो रहा है, लेकिन पेट खाली होना अच्छा है। योग विज्ञान में, और आज आधुनिक विज्ञान भी इससे सहमत हो रहा है, लेकिन जो हम अपने अनुभव से जानते हैं, वहाँ तक पहुँचने के लिए आप करोड़ डॉलर खर्च करेंगे। क्योंकि शोध सिर्फ इसी बारे में है कि कितने लाख डॉलर। ये ऐसा ही है। आपका शरीर और दिमाग सबसे अच्छे से सिर्फ तभी काम करता है, जब आपका पेट खाली हो। तो हम हमेशा सुनिश्चित करते हैं, कि हम इस तरह से खाएं कि हम चाहे जितना भी खाएं, हमारा पेट ज्यादा से ज्यादा दो से ढाई घंटे में हमेशा खाली हो जाए। तो हम हमेशा भूखे सोने जाते हैं।
लोगों को लगता है कि वे सो नहीं सकते। सो सकते हैं। औसतन, पच्चीस सालों तक औसतन, मैं बस ढाई से तीन घंटे सोया। इन दिनों मैं थोड़ा ज्यादा सो रहा हूँ, मैं साढ़े तीन से साढ़े चार घंटे के बीच सो रहा हूँ। जबकि मैं बहुत ज्यादा यात्राएं कर रहा हूँ। बहुत-ज्यादा-यात्राएं से मेरा मतलब है, अगर मैं अगले कुछ दिनों की यात्राएं बताऊँ तो आप कुर्सी से गिर जाएंगे। हाँ। क्या मैं आपको बताऊँ? नहीं, जरुरी नहीं है।
क्योंकि अगले दस दिन मैं पांच अलग-अलग देशों में रहूँगा। वहाँ मुझे नहीं पता कितने कार्यक्रम करूंगा, हर तरह के कार्यक्रम। तो आप ये सिर्फ इसलिए कर पाते हैं, क्योंकि आप ज़रूरत से ज्यादा नहीं खाते। ये बहुत महत्वपूर्ण है। हर कोई दो बार खाता है, मैं आम तौर पर सिर्फ एक बार खाता हूँ। शाम में 4:30-5 बजे, क्योंकि मुझे ये पसंद नहीं है, कि मैं प्लेट के सामने बैठकर चिंता करूँ कि कितना खाना है, मुझे अच्छे से खाना पसंद है। तो अगर मैं शाम में 4:30-5 पर खाता हूँ, तो फिर अगले दिन ही खाता हूँ।
क्या ये काफी है? क्या मैं ठीक लग रहा हूँ, हेल्लो? मैं आपके मरीजों जैसा नहीं दिख रहा। है न? मैं आपके पास नहीं आऊँगा। क्योंकि शरीर में कोई भी ज़रूरी सुधार और शुद्धि तब होती है, जब आपका पेट खाली हो। ये बहुत ज्यादा ज़रूरी है। वरना, कोशिकाओं के स्तर पर शुद्धि नहीं होगी। आप चीज़ें इकट्ठी करते हैं, फिर हर तरह की परेशानियाँ होती हैं। पहली चीज़ है शरीर में आलस्य। आलस्य के कई स्तर होते हैं, अगर आपने उन सभी पर ध्यान न दिया हो तो जितना समय आप सोते हैं, वो आलस्य है। आप सभी यहाँ जीने आए हैं, या...हेल्लो? जीने के लिए, है न? यहाँ मतलब यहाँ नहीं, मेरा मतलब जीवन में। आप जीना चाहते हैं? हाँ, जीवन जीना चाहता है, है न? लेकिन क्योंकि आपने अमेरिकी डॉक्टर्स की बात की, तो ये अब यहाँ भी शुरू हो गया है। सभी अमेरिकी डॉक्टर कहते हैं, आपको कम से कम सात से आठ घंटे सोना चाहिए।
इसका मतलब है आपके जीवन के एक तिहाई हिस्से में आपको सोना चाहिए। 2-3 घंटे और नहाने, टॉयलेट, खाने वगैरह में चले जाते हैं। तो आपके जीवन का पचास फीसदी हिस्सा बस रख-रखाव में चला गया। मान लीजिए आपके पास एक मोटरसाइकिल या कार है जो एक महीने में एक बार सर्विस के लिए जाती है। तो उसे रखना ठीक है। अगर वो महीने में 15 दिन की सर्विस लेती हो, तो ये परेशानी है, है कि नहीं?

💬 Comments on the video
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Puri tarah sahemat koun koun hai sat guru ki baat se mai to sahemat hu

Author — Zeeshan Shalu

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हमारे पूर्वज कितने विद्वान थे जिन्होंने 5000 साल पहले इन बातों को लिख गए और हमारी मूर्खता तो देखिए कि हमलोग इसे मानते नहीं।।

Author — Namita Kumari

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किसी भी तरह की शुद्धि या विकास के लिए पेट खाली होना ज़रूरी है।
✨Golden Words

Author — Shiva Breathes Within

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भारत का ज्ञान तो अंधविश्वास होता है फिर पश्चिम के लोग बोलते ही वैज्ञानिक हो जाती है
यही गुलामी का प्रतीक है

Author — Roopesh Dew

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कभी हमारे देश ज्ञान को ज्ञान नही मानते मगर वही पश्चिमी देश वाला अपनाये तोह उसे ज्ञानी मान लेते है

Author — Mechanical Donar

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गुरु जी को मेरा प्रणाम 🙏🙏

I'm from Nepal 🇳🇵

Author — Jkm dhruvva

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शुक्रिया सद्गुरु, मैं आपका सदा आभारी रहूंगा ।

Author — SANDEEP KUMAR

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हर संस्कृति, धर्म में उपवास है लेकिन दिया किसने भारत ने
⛺⛺⛺

Author — Exam पुर

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हम अपने शक्ति में विश्वास नही करते, जब देखो पश्चिमी मोहर का इंतजार करते है

😡😡😡😡😡

Author — Yashwant Yadav

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एक गांव में 40 साल से कोई व्यक्ति बीमार नहीं पड़ा था ! वैज्ञानिकों ने खोजबीन की तो गांव के लोगों ने कहा कि हम जब जोर से भूख लगे तभी खाते हैं और जितनी भूख हो उससे एक रोटी कम खाते हैं... यही हमारे स्वस्थ होने का राज है !

Author — take it easy

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Upwaas har hindi ko karna chahiye.. Ye health ke liye vardaan hai

Author — STATUS GYAN

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Hindu educated hone k bad apne aap ko
Kuch jadaa he smart samjte ha
Unko lagta ha
Duniya me western log jo karta ha vo he sahi ha

Author — kaushik bhati

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u r changing my life sdguru..apko koti koti pranam 🙏

Author — P.K Rihana

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Fasting is pure science which was invented by our hindu monks for our healthy life

Author — KrishnaKant Tiwari

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Fasting is very important for the detoxification of our mind and body

Author — manish chahar

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Or doctor ko jake kehte h mujhe thik kro 😂😂😂

Author — Arushi Chauhan

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So many times I take a long gap between 2 meals.. Today I am knowing it's benefit.. Sadhguru ji ko mera pranam🙏🙏

Author — Glam Woman

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1: Actually there should be difference of 8 hour btw first and second meal ..
2: pet Khali aur bhooke hone me difference hai, Khali pet चलता है ।।

Author — AYANA Bhatt Aaya na Bhatt

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That's why I only eat breakfast and dinner no lunch mostly fruits. If you want to keep fit don't eat after 6.30 in evening

Author — London Food Guild

Author

Now its proven beyond doubt that UPWAAS IS KILLING CANCER CELLS THERE BY INCREASING LIFE EXPECTANCY.

Author — Nagesh W